मध्य प्रदेश के ग्वालियर से एक संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीर जलाने के आरोप में एडवोकेट अनिल मिश्रा सहित सात लोगों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। अदालत ने सभी आरोपियों की जमानत याचिका खारिज करते हुए उन्हें जेल भेजने का आदेश दिया।
यह कार्रवाई ग्वालियर पुलिस द्वारा की गई, जिसने सभी आरोपियों को गुरुवार देर रात गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार, घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विभिन्न संगठनों में आक्रोश फैल गया था।
क्या है पूरा मामला
बीते दिनों ग्वालियर में डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीर जलाने और आपत्तिजनक नारेबाजी से जुड़ा एक वीडियो सामने आया था। वीडियो वायरल होते ही भीम आर्मी और उससे जुड़े संगठनों ने विरोध दर्ज कराया। मामले को लेकर मकरंद बौद्ध द्वारा क्राइम ब्रांच थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी।
शिकायत के अनुसार, एडवोकेट अनिल मिश्रा के नेतृत्व में मोहित ऋषिकेश, अमित दुबे, ध्यानेंद्र शर्मा, कुलदीप कांकेरिया, गौरव व्यास और अमित भदौरिया सहित अन्य लोगों ने जुलूस निकाला, जिसके दौरान डॉ. अंबेडकर की तस्वीर जलाकर आपत्तिजनक नारे लगाए गए।
पुलिस का बयान
पुरानी छावनी थाना टीआई संतोष यादव ने जानकारी दी कि आरोपियों को पुरानी छावनी क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया था। सभी को रातभर थाने में रखने के बाद शुक्रवार को न्यायालय में पेश किया गया, जहां अदालत के आदेश पर उन्हें जेल भेज दिया गया।
फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई कर रही है।
